Khamoshi Shayari in Hindi | खामोशी शायरी 2 लाइन.

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खामोशीयाँ यूं ही बेवजह नहीं होतीं
कुछ दर्द भी आवाज़ छीन लिया करतें हैं

Khamoshi Shayari in Hindi | खामोशी शायरी 2 लाइन.
Khamoshi Shayari in Hindi | खामोशी शायरी 2 लाइन.

तेरी खामोशी, अगर तेरी मज़बूरी है,
तो रहने दे इश्क़ कौन सा जरुरी है।

समझने वाले तो खामोशी भी समझ लेते है
न समझने वाले जज्बात का भी मजाक बना देते है

kuch waqt ki khamoshi hai shayari.

खामोशियाँ बोल देतीं हैं जिनकी बातें नहीं होती,
इश्क़ उन का भी कायम रहता है जिनकी मुलाकातें नहीं होती….

अपने खिलाफ बाते में अक्सर ख़ामोशी से सुनता हूं
जवाब देने का काम मैंने वक़्त को दे रखा है

khamoshi ki shayari in Hindi

खामोश बैठे हैं तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं….

कई रिश्तों को टूटने,
से भी बचाती है ख़ामोशी,
और तुम कहते हो बेफिज़ूल है ये.

dost ki khamoshi shayari

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह.

क्यों करते हो मुझसे इतनी ख़ामोश मोहब्बत
लोग समजते है इस बदनसीब का कोई नहीं

आपको देख कर यह निगाह रुक जाएगी,
ख़ामोशी अब हर बात कह जाएगी,
पढ़ लो अब इन आँखों में अपनी मोहब्बत,
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी।

khamoshi pe shayari in hindi

जब खामोश आँखो से बात होती है,
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं,पता
नही कब दिन और कब रात होती है

मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझको खूब हँसाया,
घर की जरूरतों ने मेरे चेहरे पर सिर्फ खामोशी ही लाया।

वादियों से सूरज निकल आया है,
फिजाओं में नया रंग छाया है,खामोश
क्यों हो अब तो मुस्कुराओ, आपकी
मुस्कान देखने नया सवेरा आया है..

shayari raat ki khamoshi hindi

ख़ामोशी से जब तुम भर जाओगे जनाब,
थोड़ा सा चीख़ तोह लेने वरना मर जाओगे.

खामोशी और तन्हाई हमें प्यारी हो गई है,
आजकल रातों से यारी हो गई है,
सारी सारी रात तुम्हें याद करते हैं,
शायद तुम्हें याद करने की बीमारी हो गई है।

दर्द चाहता है हो दुनिया को खबर,
इस दिल में बसी है खामोसी बे सबब.

samandar ki khamoshi shayari

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए।

दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है
ऐ दोस्त कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है !

जिंदगी के लिये जान ज़रूरी है,
जीने के लिये अरमान ज़रूरी है,
हमारे पास हो चाहे कितना भी गम,
लेकिन तेरे चहरे पर मुस्कान ज़रूरी है |

अपने खिलाफ बाते में अक्सर ख़ामोशी से सुनता हूं
जवाब देने का काम मैंने वक़्त को दे रखा है

aap ki khamoshi shayari

मेरे चुप रहने से नाराज ना हुआ करो
गहरा समंदर हमेशा खामोश होता है !

खामोशी की भी अपनी एक अलग
ही अहमियत होती है तितलियाँ अपनी
खूबसूरती का बखान नहीं किया करतीं..

बड़े ही पक्के होते हैं सच्ची दोस्ती के रंग
ज़िंदगी के धूप में भी उड़ा नहीं करते !

dil ki khamoshi shayari

कुछ तो है हमारे बीच में,
वरना तू खामोश ना होता,
और मैं तेरी खामोशी
पढ़ नहीं रही होती !

खामोशी की तह में छुपा लीजिये उलझनें…
क्योंकि, शोर कभी मुश्किलें आसान नहीं करती…!!

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह !

khamoshi ki zuban poetry

रात गम सुम है मगर खामोश नहीं,
कैसे कह दूँ आज फिर होश नहीं,
ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में
हाथ में जाम है मगर पीने का होश नहीं..

पता है मजबूर है तू और मै भी
फिर भी आंखें तेरे दीदार को तरसती है !

चाहतों ने किया मुझ पर ऐसा असर
जहाँ देखू में देखु तुझे हमसफ़र
मेरी खामोशियां मेरी ज़ुबान बन गयी
मेरी वैचानिया मेरी दास्तान बन गयी !

khamoshi shayari in hindi 2 line

मोहब्बतें मे नुमाइश की जरूरत नहीं होती
ये तो वो जज्बा है जिसमे खामोशी भी गुनगुनाती है !

काश तुम खामोशी समझ जाते,
अब तुम मिलोगे नही और बताने
की हमारी हिम्मत भी नहीं.

khamoshi wali shayari

ख़ामोशी में लाखो दर्द है हमारी,
और हस्ते है तो सब पूछते है क्या हुआ.

तेरी खामोशी अगर तेरी मजबूरी है,
तो रहने दे इश्क कौन सा जरुरी है।

khamoshi bhari shayari in hindi

ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था,
इस शहर में मुझसा कोई आया न था,
किसी जुल्म ने छीन ली हमसे हमारी मोहब्बत
हमने तो किसी का दिल दुखाया न था..

तेरी मोह्हबत से जायदा जुरूरी
तेरी ख़ामोशी है तोह उससे
रहने दे प्यार जरुरी थोड़ी है,

खामोशी भी दिल की ज़ुबान होती हैं…
हर बात कहाँ लफ़्ज़ों में बयान होती हैं…!!

kisi ki khamoshi shayari

लोग तो सो लेते हैं जमाने कि चाहेल पहेल में,
मुझे तो तेरी खामोशी सोने नहीं देती।

इंसान की अच्छाई पर सब खामोश रहते हैं,
चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो तो गूँगे भी बोल पड़ते हैं.

अगर एहसास बयां हो जाते लफ्जों से,
तो फिर कौन करता तारीफ खामोशियों की।

tumhari khamoshi shayari in hindi

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है,
कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है,
कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है।

बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै ,
किसी से कुछ कहने की कोशिश मे।

बहुत मजबूर हो जाता है इंसान …
जब वो किसी का हो भी नहीं सकता …
और उसे खो भी नहीं सकता..

khamoshi wali shayari in Hindi

हम ख़ामोशी से देते हैं ख़ामोशी का जवाब,
कौन कहता हैं अब हम बात नहीं करते.

कहते हैं कि खामोशियां खामोश होती है
कभी खामोशियों को खामोशी से सुने
शायद खामोशियां वो कह दे
जिनकी लफ्जों में तलाश होती है

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